जौनपुर। जनपद के पूर्व जिलाधिकारी एवं साहित्यकार डॉ. दिनेश चन्द्र सिंह के जन्मदिवस पर बुधवार को टेलीग्राम के हिन्दी साहित्य चैनल पर उनके प्रशासनिक एवं साहित्यिक अवदान पर ऑनलाइन परिचर्चा आयोजित की गई। शोधार्थी अश्वनी कुमार के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों एवं साहित्य अध्येताओं ने उनके प्रशासनिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण तथा साहित्यिक योगदान को याद करते हुए जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
वक्ताओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में जन्मे डॉ. दिनेश चन्द्र सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी, एमएससी (रसायन विज्ञान), पीएचडी तथा एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1995 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पांचवीं रैंक हासिल कर उन्होंने प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। उपजिलाधिकारी से अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत करने वाले डॉ. सिंह ने हरिद्वार, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, इलाहाबाद, गोरखपुर और अलीगढ़ सहित कई जनपदों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2018 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति के बाद उन्होंने नगर आयुक्त गाजियाबाद, जिलाधिकारी सहारनपुर, कानपुर देहात, बहराइच एवं जौनपुर तथा विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग जैसे अहम पदों पर कार्य किया।
परिचर्चा में राजस्थान विश्वविद्यालय के डॉ. जितेन्द्र सिंह, गुजरात विश्वविद्यालय की डॉ. वंदना, लखनऊ विश्वविद्यालय के आकाश गुप्त, बीएचयू के प्रियम मिश्रा, गोरखपुर विश्वविद्यालय की सोनी वर्मा, अंडमान विश्वविद्यालय की डॉ. प्रतिभा सिंह सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि जौनपुर में डॉ. सिंह का कार्यकाल प्रशासनिक दक्षता, जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और प्रभावी कार्यशैली के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
कार्यक्रम में उनके सम्मानों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि सामान्य विधानसभा निर्वाचन-2022 के सफल संचालन के लिए उन्हें 25 जनवरी 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया था। वहीं मुख्यमंत्री युवा समृद्धि योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उन्हें सम्मानित किया।
वक्ताओं ने डॉ. दिनेश चन्द्र सिंह के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उनकी प्रमुख कृतियों ‘यादें विकास पथ पर संघर्ष यात्रा’, ‘काल प्रेरणा’, ‘कर्म निर्णय’ और ‘कर्मकुम्भ’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाओं में प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का प्रभावी समन्वय दिखाई देता है।
परिचर्चा के अंत में सभी प्रतिभागियों ने डॉ. दिनेश चन्द्र सिंह के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सृजनशील जीवन की कामना करते हुए उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।

