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    अटलजी एक प्रखर राजनीतिज्ञ, नि:स्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे : महेंद्र नाथ पांडेय

    BySatyameva Jayate News

    Dec 28, 2025
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    वाजपेयीजी भारत को सभी राष्ट्रों के बीच एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखना चाहते थे : अजीत प्रजापति

    जौनपुर: भारतीय जनता पार्टी ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में अटल स्मृति सम्मेलन मल्हनी विधानसभा के सनबीम स्कूल कुल्लहनामऊ में जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति के अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडेय एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी क्षेत्र के महामंत्री एवं जौनपुर के जिला प्रभारी अशोक चौरसिया उपस्थित रहे। सर्वप्रथम पंडित अटल बिहारी वाजपेई जी की पुष्प चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रजवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

    मुख्य अतिथि महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि अपने नाम के ही समान, अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, नि:स्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे अटलजी जनता की बातों को ध्यान से सुनते थे और उनकी आकाँक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करते थे उनके कार्य राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को दिखाते थे। अटल बिहारी वाजपेयी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे वाजपेयी जी राजनीति के क्षेत्र में चार दशकों तक सक्रिय रहे। वह लोकसभा में नौ बार और राज्य सभा में दो बार चुने गए जो अपने आप में ही एक कीर्तिमान है।

    उन्होंने आगे कहा कि भारत के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, संसद की विभिन्न महत्वपूर्ण स्थायी समितियों के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने आजादी के बाद भारत की घरेलू और विदेश नीति को आकार देने में एक सक्रिय भूमिका निभाई वाजपेयी जी अपने छात्र जीवन के दौरान पहली बार राष्ट्रवादी राजनीति में तब आये जब उन्होंने वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन जिसने ब्रिटिश उपनिवेशवाद का अंत किया, में भाग लिया।

    विशिष्ट अतिथि के रूप में अशोक चौरसिया ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने अपना कैरियर पत्रकार के रूप में शुरू किया था और 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी उन्होंने कई कवितायेँ भी लिखी जिसे समीक्षकों द्वारा सराहा गया उनका जन्म 25 दिसंबर, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रहने वाले एक विनम्र स्कूल शिक्षक के परिवार में हुआ। निजी जीवन में प्राप्त सफलता उनके राजनीतिक कौशल और भारतीय लोकतंत्र की देन है। पिछले कई दशकों में वह एक ऐसे नेता के रूप में उभरे जो विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व देते हैं।

    जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के समर्थक अटल बिहारी वाजपेयी भारत को सभी राष्ट्रों के बीच एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखना चाहते थे वह ऐसे भारत का प्रतिनिधित्व करते थे जिस देश की सभ्यता का इतिहास 5000 साल पुराना है और जो अगले हज़ार वर्षों में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।

    पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह ने आगे कहा कि उन्हें भारत के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण और पचास से अधिक वर्षों तक देश और समाज की सेवा करने के लिए भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया। 1994 में उन्हें भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ चुना गया। और मरणोपरांत 2015 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

    पूर्व विधायक हरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी राजनीति विज्ञान और विधि के छात्र थे और कॉलेज के दिनों में ही उनकी रुचि विदेशी मामलों के प्रति बढ़ी उनकी यह रुचि वर्षों तक बनी रही एवं विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने अपने इस कौशल का परिचय दिया।

    पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ करने वाले वाजपेयी राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबन्धन सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 वर्ष बिना किसी समस्या के पूरे किए। आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेने के कारण इन्हे भीष्मपितामह भी कहा जाता है।16 अगस्त 2018 को लम्बी बीमारी के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली में श्री वाजपेयी का निधन हो गया वे जीवन भर भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे।

    कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय ने की। उक्त अवसर पर जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता संदीप सरोज सुनील यादव मम्मन धीरू सिंह सतीश सिंह संदीप तिवारी पंकज मिश्र अखिल मिश्र अरुण उपाध्याय आमोद सिंह इंद्रसेन सिंह आशीष गुप्ता परविंदर चौहान घनश्याम यादव सुनील सिंह पवन प्रजापति अभिषेक तिवारी आदि उपस्थित रहे।

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