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    सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे 13 प्रमुख कार्यक्रम

    सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे 13 प्रमुख कार्यक्रम
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    समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण आयोजन के निर्देश

    जौनपुर। प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को विकसित भारत-2047 के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिले में 13 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में गुरुवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने अभियान के तहत होने वाले सभी 13 कार्यक्रमों की विभागवार तैयारियों और रूपरेखा की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यक्रम समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से आयोजित किए जाएं। अभियान के उद्देश्यों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

    सेवा दिवस पर होंगे कई कार्यक्रम

    17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, विश्वकर्मा जयंती पर टूल किट वितरण तथा प्रमुख विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे। लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप जलाकर विकसित भारत-2047 के संकल्प से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 17 सितंबर से सात अक्टूबर तक विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ अभियान के तहत ड्राइंग, भाषण और डिबेट प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों की विद्यालय, विकासखंड और जिला स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सात अक्टूबर को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रविष्टियों को सम्मानित किया जाएगा।

    आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय उत्सव

    25 सितंबर से सात अक्टूबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय उत्सव एवं संवाद कार्यक्रम होंगे। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं का सम्मान किया जाएगा। माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। हेल्दी बेबी प्रतियोगिता के साथ बच्चों को कॉमिक बुक, खिलौने, फल-मिठाई और अतिरिक्त पोषाहार सामग्री भी वितरित की जाएगी। ‘सेवा की कहानी-डिजिटल एवं रील अभियान’ के तहत सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए बदलाव की वास्तविक कहानियों को 60 सेकंड की रील के माध्यम से सामने लाया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधि, पद्म पुरस्कार विजेता, खिलाड़ी, सेलिब्रिटी, युवा इंफ्लुएंसर और लाभार्थी शामिल होंगे। उत्कृष्ट रील्स का सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रचार किया जाएगा।

    सेवा ज्योति कलश यात्रा में लिया जाएगा संकल्प

    सात अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ आयोजित होगी। जिले के प्रमुख चौराहे पर सेवा कलश स्थापित किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां पहुंचेंगी। एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण होगा। स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था के साथ विकसित भारत-2047 का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। 17 सितंबर से सात अक्टूबर तक ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ आयोजित की जाएगी। पवित्र जल के आदान-प्रदान के माध्यम से प्रधानमंत्री की जन्मभूमि और कर्मभूमि को जोड़ा जाएगा। विभिन्न टोलियां अलग-अलग मार्गों से यात्रा करेंगी। मार्ग में पड़ने वाले जिलों में चौपाल, जनसंवाद, विकास यात्रा की फिल्म और एलईडी वाहनों के माध्यम से योजनाओं का प्रचार किया जाएगा।

    25 सेवा कार्यों में योगदान का मिलेगा अवसर

    ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक नागरिकों को 25 सेवा कार्यों में से किसी एक से जुड़कर समाजसेवा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, जल संरक्षण, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और गौसेवा सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं। प्रत्येक विधानसभा में कम से कम दो स्थलों का कायाकल्प कराया जाएगा। नागरिक 25 मिनट श्रमदान कर प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड और नगरीय निकाय स्तर पर पांच से सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य मेले, दिव्यांग कल्याण शिविर और मतदाता पंजीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    रंगोली में दिखेगी विकसित भारत की परिकल्पना

    ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग-मानव समूह रंगोली’ कार्यक्रम में जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदेश के प्रमुख स्थल पर 108 मीटर व्यास की मानव समूह रंगोली बनाई जाएगी। प्रत्येक जिले और विकासखंड में प्राकृतिक सामग्री से रंगोली तैयार होगी, जिसमें कलाकारों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और विद्यार्थियों की सहभागिता होगी। ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप, प्रोफेशनल और इनोवेटर्स को नए समाधान विकसित करने का अवसर दिया जाएगा। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में ओरिएंटेशन कार्यक्रम होंगे। ऑनलाइन आवेदन, प्रदर्शनी, लाइव डेमो, विशेषज्ञ सत्र और पुरस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    17 अक्टूबर को होगा सुशासन सेवा संवाद

    17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के तहत ग्राम प्रधानों, सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय समागम आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री के सेवा कार्यकाल पर अभिनंदन प्रस्ताव, विकसित भारत-2047 का सामूहिक संकल्प और वंदे मातरम् का गायन होगा। जनप्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे और प्रधानमंत्री के संबोधन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल कार्यक्रमों के आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने का प्रभावी प्रयास होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करने और सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शुभांशु कटियार, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व अजय अम्बष्ठ, परियोजना निदेशक केके पाण्डेय सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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