जौनपुर। शिराज-ए-हिन्द जौनपुर की ऐतिहासिक शाही अटाला मस्जिद में उस समय एकता और भाईचारे का अनूठा संदेश देखने को मिला, जब ईरान स्थित अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मौलाना जमीर अब्बास जाफरी ने सुन्नी इमाम मौलाना कारी शब्बीर साहब के पीछे नमाज अदा की। यह दृश्य धार्मिक सौहार्द और आपसी एकता का प्रतीक बन गया।
नमाज के दौरान एक ही सफ में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर इबादत करने का यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। इस मौके ने यह संदेश दिया कि अलग-अलग विचारधाराओं और धार्मिक परंपराओं के बावजूद एक किब्ला और एक अल्लाह के सामने सभी बराबर हैं।
मौजूदा दौर में जब समाज और उम्मत को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे दृश्य आपसी भाईचारे और एकजुटता की जरूरत को और मजबूत करते हैं। नमाज में साथ खड़े होना केवल इबादत का हिस्सा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सम्मान और सौहार्द का संदेश भी है।
अटाला मस्जिद में दिखाई दिया यह नजारा लोगों को यह सीख देता है कि आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकता, भाईचारे और इंसानियत को मजबूत करना ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। एक सफ और एक किब्ला का यह संदेश आने वाले समय में आपसी सौहार्द की मिसाल बन सकता है। इस मौके पर शाही अटाला मस्जिद के संचालक जावेद महमूद, पत्रकार अब्दुल हक़ अंसारी,सभासद अलमास सिद्दीकी, शाहिद मेंहदी नेहाल हैदर, आरिफ अनस सहित अन्य लोगों ने मौलाना का जोरदार स्वागत किया

