पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ‘खेलो इंडिया संवाद’ का आयोजन, खिलाड़ियों का हुआ सम्मान; युवाओं ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
जौनपुर, 27 अगस्त। राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार, रज्जू भैया संस्थान में ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, पीएम के साथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन हुआ। देशभर के आयोजन स्थलों के साथ दो-तरफा संपर्क के माध्यम से जुड़े कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, खिलाड़ी, शिक्षक और विश्वविद्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के स्वागत संबोधन से हुआ। इसके बाद राष्ट्रीय खेल दिवस और प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। पूर्वाह्न 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन राष्ट्रीय प्रसारण के माध्यम से देशभर में एक साथ प्रसारित किया गया।

प्रधानमंत्री ने युवाओं से फिटनेस, अनुशासन और खेल भावना को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मैदान तक सीमित गतिविधि नहीं, बल्कि स्वस्थ और अनुशासित जीवन की आधारशिला है। प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में देश के खेल क्षेत्र में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी के राष्ट्रीय संकल्प को विकसित भारत@2047 के व्यापक लक्ष्य से जोड़ा।
इस अवसर पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय की एथलेटिक्स खिलाड़ी पूजा यादव को मुख्य अतिथि एवं प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश चंद्र यादव ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई दिशा और व्यापक मंच मिला है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया अभियान, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और ‘एक जिला-एक खेल’ जैसी योजनाओं के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘एक जिला-एक खेल’ के तहत प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जौनपुर में भी खेलो इंडिया के तहत इंदिरा गांधी स्टेडियम में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देश्यीय सभागार उपलब्ध कराया गया है। इससे खिलाड़ियों को विभिन्न इनडोर खेलों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की खेल नीति-2023 के माध्यम से खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण, पौष्टिक आहार और प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के लिए विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहें और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि गांव स्तर तक खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। खेल मैदानों के विकास के साथ विकासखंड स्तर पर ग्रामीण खेल मिनी स्टेडियम और मंडल स्तर पर खेल महाविद्यालय स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है।
गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि अब यह पुरानी सोच बदल चुकी है कि ‘खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब’। आज खेल के माध्यम से युवा स्वस्थ रहने के साथ सम्मान, पदक और रोजगार भी हासिल कर सकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी दिनचर्या में किसी न किसी खेल को शामिल करने और अपनी प्रतिभा को निखारकर प्रदेश व देश का नाम रोशन करने की अपील की।
उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। खेल स्वस्थ शरीर के साथ अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और देश के प्रति समर्पण की भावना विकसित करता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने मित्रों, साथियों और परिवार के सदस्यों को भी नशे से बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से खेल गतिविधियों से जोड़ने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और युवाओं ने ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ की शपथ ली। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, एनसीसी प्रभारी डॉ. मनोज, कार्यक्रम समन्वयक एवं आयोजक डॉ. शशिकांत यादव, क्रीड़ा अधिकारी राजेश सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक, खेल विभाग के अधिकारी, पत्रकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।


