सड़क हादसे में आठ वर्षीय बच्चे और गर्भस्थ शिशु को खोने का गम
जौनपुर। एक दर्दनाक सड़क हादसे ने जलालपुर क्षेत्र के सेहमलपुर निवासी अरविंद गौतम के परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में उनके आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, वहीं गर्भवती ज्योति देवी के गर्भस्थ शिशु को भी नहीं बचाया जा सका। परिवार पर एक साथ दोहरी विपदा टूट पड़ी।
हादसे के बाद गंभीर मानसिक और शारीरिक पीड़ा से गुजर रहीं ज्योति देवी को उपचार के लिए जौनपुर स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल लाया गया। यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू कन्नौजिया ने मानवीय संवेदना के साथ उनका उपचार किया और सामान्य प्रसव कराया।
दुख की इस घड़ी में चिकित्सक ने इलाज को केवल पेशा न मानकर इंसानियत को प्राथमिकता दी। परिजनों के अनुसार, डॉ. अंजू कन्नौजिया ने सामान्य प्रसव के लिए कोई शुल्क नहीं लिया। अस्पताल की ओर से भी परिवार को नि:शुल्क उपचार में सहयोग दिया गया।
परिवार पहले ही अपने आठ वर्षीय बच्चे और गर्भस्थ शिशु को खोने के गहरे सदमे में था। ऐसे कठिन समय में चिकित्सक और अस्पताल की ओर से मिला सहयोग परिजनों के लिए बड़ी राहत बना। डॉक्टर के इस संवेदनशील कदम की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
दुख की इस घड़ी में दिखाई गई यह इंसानियत यह संदेश देती है कि चिकित्सा सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरत के समय किसी पीड़ित परिवार का सहारा बनना भी है। डॉ. अंजू कन्नौजिया का यह प्रयास मानवीय संवेदना और चिकित्सकीय सेवा की एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आया है।


