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    जौनपुर के ऐतिहासिक शाही पुल की जर्जर हालत पर जताई चिंता, डीएम को सौंपा पत्र

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    समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने तत्काल मरम्मत और रखरखाव की मांग की, हादसे की जताई आशंका

    जौनपुर, 20 अगस्त। गोमती नदी पर बने ऐतिहासिक शाही पुल की जर्जर स्थिति को लेकर समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने चिंता जताई है। सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनवारुल हक गुड्डू के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने गुरुवार दोपहर जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर पुल के तत्काल रखरखाव और मरम्मत की मांग की।

    अनवारुल हक गुड्डू ने कहा कि शाही पुल जौनपुर की पहचान के साथ देश की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है। वर्तमान में रखरखाव के अभाव में पुल की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। पुल के पत्थरों और उनके जोड़ों के बीच जंगली पेड़-पौधे व झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। पेड़ों की बढ़ती जड़ों से पत्थरों की पकड़ कमजोर होने और दरारें बढ़ने की बात कही गई है।

    सभा ने पत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) पर पुल के नियमित रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाया। पदाधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय महत्व की इस धरोहर की सुरक्षा और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही पुल पर राहगीरों द्वारा की जा रही गंदगी को रोकने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था की मांग की गई।

    सभा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जंगली पेड़ों को वैज्ञानिक तरीके से हटाकर पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो ऐतिहासिक धरोहर को अपूरणीय क्षति हो सकती है। साथ ही भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी रह सकती है। पदाधिकारियों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

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