सिगरामऊ। क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने और रामगंज रजवाहा नहर में पानी नहीं पहुंचने से किसान परेशान हैं। पानी के अभाव में धान के खेतों में जगह-जगह दरारें पड़ने लगी हैं। वहीं नहर में बड़ी-बड़ी घास उग आने से वह चरागाह जैसी दिखाई दे रही है। किसानों को अब धान की फसल सूखने का डर सताने लगा है।
घागरपारा, रतासी, बहरीपुर, फिरोजपुर, तुलापुर और डंडारी समेत आसपास के गांवों के किसानों ने किसी तरह धान की रोपाई पूरी कर ली है। अब फसल की सिंचाई के लिए उन्हें नहर में पानी आने का इंतजार है। किसानों को उम्मीद थी कि रामगंज रजवाहा से पर्याप्त पानी मिलने पर धान की सिंचाई हो जाएगी, लेकिन बारिश नहीं होने और नहर में पानी न आने से उनकी चिंता लगातार बढ़ रही है।
किसानों का कहना है कि हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई के लिए नहर का निर्माण कराया गया था। हर वर्ष नहर की साफ-सफाई और मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये के टेंडर जारी किए जाते हैं, लेकिन जब फसल को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तब नहर सूखी पड़ी रहती है। इससे किसानों को निजी साधनों से सिंचाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय किसानों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है। घागरपारा के ग्राम प्रधान जय नारायण उपाध्याय, रतासी के ग्राम प्रधान फारूक, लालदेव यादव, संतोष शुक्ला (फिरोजपुर), वंश गोपाल (डंडारी), दिनेश मिश्रा (तुलापुर), विधायक प्रतिनिधि गिरीश चंद्र मिश्रा, पूर्व प्रधान रामनारायण मिश्र और विमल मिश्रा समेत दर्जनों किसानों ने कहा कि यदि जल्द नहर में पानी नहीं पहुंचा तो धान की फसल सूख सकती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस संबंध में नहर विभाग के जेई अजीत सिंह उर्फ बंटी ने बताया कि नहर किलोमीटर संख्या 32.500 के पास सुकुल उमरी में कट गई थी। इसी वजह से पानी आगे नहीं पहुंच सका। उन्होंने बताया कि नहर की समस्या को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है और किसानों को राहत देने के लिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।



