आजमगढ़। जनपद की गम्भीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल ने आधार क्लोनिंग के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह के फरार सरगना को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक कूटरचित आधार कार्ड और साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सद्दाम पुत्र तौफिक निवासी रंजीतपट्टी मुहम्मदपुर, थाना गम्भीरपुर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार 11 जुलाई 2026 को प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों एवं एटीएम हॉटस्पॉट की जांच के दौरान साइबर सेल और गम्भीरपुर पुलिस ने यश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से खुलासा हुआ कि वह सद्दाम के साथ मिलकर आधार आधारित बैंकिंग (एईपीएस) प्रणाली और बायोमेट्रिक उपकरणों का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों से निकालता था। ठगी की धनराशि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और मोबाइल पीओएस मशीन के माध्यम से निकाली जाती थी तथा बाद में कमीशन के आधार पर आपस में बांट ली जाती थी।
इस मामले में थाना गम्भीरपुर में 12 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से गिरोह का सरगना सद्दाम फरार चल रहा था।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण एवं थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में गठित टीम ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर रानीपुर रजमों मोड़ से सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक फर्जी आधार कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी गम्भीरपुर और बरदह थानों में गौवध, गैंगस्टर तथा मारपीट, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक योगेश सरोज, उपनिरीक्षक रविप्रकाश गौतम (साइबर सेल प्रभारी), हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल, कांस्टेबल विश्वामित्र तथा कांस्टेबल कमलेश कुमार शामिल रहे।


