करंजाकला। बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान तथा एनसीईआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ गुरुवार को बी०आर०सी० करंजाकला में हुआ।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रतिभागी शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों को निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों से अवगत कराया गया। साथ ही आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान की अवधारणा, एनसीईआरटी की नवीन पाठ्यपुस्तकों की संरचना, शिक्षण दृष्टिकोण एवं कक्षा-कक्ष में उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत जानकारी दी गई।
संदर्भदाताओं द्वारा गतिविधि-आधारित शिक्षण, बाल-केंद्रित अधिगम, अनुभवात्मक शिक्षण, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन तथा नई पाठ्यपुस्तकों के कक्षा में उपयोग पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भागीदारी की और प्रशिक्षण को सफल बनाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार यादव ने कहा कि निपुण भारत मिशन का उद्देश्य कक्षा 3 तक के सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता प्रदान करना है। इसके लिए शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों से लैस होना आवश्यक है।
प्रशिक्षण में संदर्भदाता के रूप में डॉ० सुरेश चंद्र मौर्य, वीरेंद्र सिंह, प्रशांत मिश्रा, निलेश उपाध्याय एवं वीरेंद्र कुमार यादव उपस्थित रहे।


