जौनपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उमानाथ सिंह विधि महाविद्यालय, फरीदपुर, महरूपुर (शंकरगंज बाजार) में एलएलबी परीक्षा के स्वर्ण पदक विजेता छात्र प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का नाम वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के स्वर्ण पदक विजेताओं की सूची में शामिल है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशुतोष मिश्र ने स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को माल्यार्पण कर स्मृति-चिह्न भेंट करते हुए सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा देता है और सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम तथा गुरुजनों का सम्मान अत्यंत आवश्यक है।
सम्मान के उपरांत प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को देते हुए कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच से हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने वर्तमान छात्र-छात्राओं से पूरी लगन और ईमानदारी के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया।
प्राचार्य डॉ. आशुतोष मिश्र ने अपने संबोधन में आचार्य चाणक्य-चंद्रगुप्त मौर्य तथा गुरु द्रोणाचार्य-एकलव्य के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि जो विद्यार्थी अपने गुरु के बताए मार्ग पर चलते हैं, वे जीवन में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करते हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सर्वेंद्र कुमार मिश्र तथा संचालन देवेश पाठक ने किया। इस अवसर पर डॉ. अच्छेलाल पाल, डॉ. साधना, डॉ. पूजा सिंह, नितेश कुमार बरनवाल, रमेश पाण्डेय, सुभाष पाल, प्रतिमा सिंह, राजन शुक्ल, अनुपम तिवारी, नरेन्द्र सिंह, मुन्नी देवी सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


