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    श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

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    कांवड़ यात्रा व त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक

    जौनपुर। आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, नागपंचमी और चेहल्लुम पर्व को शांतिपूर्ण, सकुशल एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

    जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

    उन्होंने बताया कि त्रिलोचन महादेव, गौरीशंकर धाम, चौकियां धाम सहित अन्य प्रमुख मंदिरों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी और नियंत्रण कक्ष संचालित रहेंगे। भीड़ प्रबंधन के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। महिला पुलिस सहित पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। कांवड़ मार्गों और प्रमुख मेलों के दौरान आवश्यकतानुसार यातायात मार्ग परिवर्तन भी लागू किया जाएगा।

    मानसून को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय और महिला चिकित्सालय में सर्पदंशरोधी औषधि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कांवड़ मार्गों पर प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहां चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, ओआरएस और आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहेंगी।

    नगर पालिका और जिला पंचायत राज विभाग को मंदिर परिसरों, धर्मशालाओं और सार्वजनिक स्थलों पर कांवड़ रखने के लिए सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं लोक निर्माण विभाग को प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग तथा कतार प्रबंधन की व्यवस्था करने को कहा गया।

    जिलाधिकारी ने जलाशयों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की अनिवार्य तैनाती के निर्देश दिए। विद्युत विभाग, नगर निकाय और संबंधित विभागों को कांवड़ मार्गों पर विद्युत तारों एवं खंभों की सुरक्षा, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को कांवड़ यात्रा से पहले मार्गों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    ध्वनि विस्तारक यंत्रों और डीजे के संचालन में शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी।

    श्रद्धालुओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्गों और मंदिर परिसरों के आसपास स्थित दुकानों एवं ढाबों पर मूल्य सूची और भोजन सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है, ताकि मनमानी वसूली और विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

    बैठक में सामाजिक माध्यमों की निगरानी और अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर भी चर्चा हुई। आमजन से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की भ्रामक, धार्मिक या भड़काऊ सामग्री का प्रसार न करें। किसी संदिग्ध गतिविधि अथवा अफवाह की जानकारी तत्काल संबंधित थाने, स्थानीय खुफिया इकाई या प्रशासनिक अधिकारियों को दें।

    जिलाधिकारी ने कहा कि जौनपुर सदैव गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। उन्होंने नागरिकों, शांति समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों से पुलिस-प्रशासन का सहयोग करते हुए श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, नागपंचमी और चेहल्लुम के पर्वों को आपसी भाईचारे, शांति और उल्लास के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया।

    बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ठ, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी सदर योगिता, क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता सहित जिला स्तरीय अधिकारी और जिला शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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