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    पीयू के पुस्तकालय प्रशिक्षुओं को मिला सम्मान

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    आत्मविश्वास और ज्ञान की नई उड़ान

    जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में शुक्रवार को शैक्षणिक सत्र 2025–26 के 20 पुस्तकालय प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित प्रमाण-पत्र वितरण समारोह भावनात्मक और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ। एक वर्ष तक पुस्तकालय की आधुनिक कार्यप्रणाली को सीखने और समझने वाले प्रशिक्षुओं के लिए यह अवसर उनके परिश्रम, समर्पण और सीखने की यात्रा का यादगार पड़ाव बन गया।

    यह एक वर्षीय प्रोफेशनल पुस्तकालय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) के मध्य हुए समझौते के अंतर्गत संचालित किया जाता है। समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण ने न केवल उनके तकनीकी ज्ञान में वृद्धि की, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, कार्यकुशलता और भविष्य के प्रति नई ऊर्जा का संचार भी किया।

    प्रशिक्षुओं ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ई-बुक्स, एनसाइक्लोपीडिया, ई-जर्नल्स, कैटलॉगिंग, ओएसआईएस (OSIS), SOUL सॉफ्टवेयर पर पुस्तकों की अपलोडिंग, ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS)’ पोर्टल के माध्यम से शोध-पत्र डाउनलोड करने सहित आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय प्रबंधन की अनेक महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। उनका कहना था कि यह अनुभव उनके व्यावसायिक जीवन की मजबूत नींव साबित होगा और भविष्य में उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक बनेगा।

    इस अवसर पर पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. राज कुमार ने प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध और नवाचार का केंद्र होता है। यहाँ प्राप्त प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आजीवन सीखने की संस्कृति से जोड़ता है और उन्हें उत्कृष्ट पेशेवर बनने की दिशा में प्रेरित करता है।

    कार्यक्रम में डॉ. मनीष कुमार गुप्ता, डॉ. प्रशांत कुमार यादव तथा पुस्तकालय प्रभारी डॉ. इंद्रेश गंगवार भी उपस्थित रहे और प्रशिक्षुओं को उनके सफल प्रशिक्षण पूर्ण होने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए चयनित 18 नए पुस्तकालय प्रशिक्षुओं ने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष एवं 11 महिला प्रशिक्षु शामिल हैं। यह नई टीम ज्ञान, अनुशासन और आधुनिक पुस्तकालय सेवाओं की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए उत्साह के साथ अपनी नई यात्रा प्रारंभ कर चुकी है।

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