– प्रमोद शुक्ला, सीपीडीआरएस, प्रभारी, पूर्वी उत्तर प्रदेश
जौनपुर। हम सब जानते हैं कि हमारे देश का एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह से भ्रष्ट और खोखला हो चुका है। अच्छी शिक्षा अब सिर्फ चंद लोगों तक सिमट कर रह गई है। क्या हम सब इस व्यवस्था को बदलना नहीं चाहते? इसी बदलाव की नींव एक इंसान ने रखी है। वे पिछले 19 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका नाम सोनम वांगचुक है-एक महान वैज्ञानिक और हमारे देश की शान, जो बिना किसी स्वार्थ के सरकार से जवाबदेही मांग रहे हैं। वे उन मासूम छात्रों के लिए लड़ रहे हैं जिनकी जान इस सिस्टम की लगातार होती नाकामियों की भेंट चढ़ गई। वे उस बदलाव के लिए लड़ रहे हैं जिसका सपना हम सालों से देख रहे हैं। वे हमारे लि19ए लड़ रहे हैं। यह सिर्फ उनकी नहीं, हम सब की लड़ाई है। लेकिन अफसोस, वे अकेले यह जंग नहीं जीत सकते। अगर आप सच में इस सिस्टम को सुधारना चाहते हैं, तो आपको उनके साथ खड़ा होना होगा। कृपया 20 जुलाई को दिल्ली पहुंचें और उनके साथ संसद तक मार्च करें।


