जौनपुर। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन बुधवार को शीतला चौकियां धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही हजारों भक्तों ने माता शीतला के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर पूरे दिन माता रानी के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय बना रहा।
मंदिर के महंत विवेकानंद पांडा ने विधि-विधान से माता का श्रृंगार, आरती एवं हवन-पूजन कराया। उन्होंने गुप्त नवरात्रि के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि साधना, तप और देवी आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दौरान मां दुर्गा के गुप्त स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन माता कालिका की आराधना का विशेष महत्व है। उनकी उपासना से साधक को शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक माता की पूजा करने से जीवन की कठिनाइयों का निवारण होता है तथा देवी का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त होता है। साथ ही माता कालिका अपने भक्तों की भय, नकारात्मक शक्तियों और विभिन्न बाधाओं से रक्षा करती हैं।
दिनभर मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दर्शनार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन कर गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिवस का पुण्य लाभ प्राप्त किया।


