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    मतदेय स्थलों के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक

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    जौनपुर। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के संभावाजन एवं पुनरीक्षण को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों से अवगत कराते हुए राजनीतिक दलों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी गईं।

    जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों का संभावाजन प्रति 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदेय स्थलों का निर्धारण भवनों के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के बाद किया जाएगा, ताकि संबंधित मतदाताओं का निवास मतदान केंद्र के समीप ही सुनिश्चित हो सके।

    बैठक में पुनरीक्षण की समय-सारिणी भी साझा की गई। बताया गया कि 29 जून से 1 जुलाई तक राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श एवं प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची प्रकाशित कर राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। 18 जुलाई को सांसदों, विधायकों एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक के बाद प्राप्त सुझावों और शिकायतों का निस्तारण कर सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद 25, 27 और 28 जुलाई को प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे जाएंगे, जबकि 31 जुलाई तक आयोग को अनुमोदन के लिए प्रेषित किए जाने की प्रक्रिया पूरी होगी।

    जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों की ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों एवं बहुमंजिला भवनों में, जहां सामुदायिक हॉल या अन्य उपयुक्त स्थान उपलब्ध हों, वहां मतदान केंद्र स्थापित करने पर प्राथमिकता दी जाए। नई विकसित आवासीय कॉलोनियों में भी आवश्यकता के अनुसार नए मतदेय स्थल बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के सभी मतदाताओं को यथासंभव एक ही मतदान केंद्र पर रखा जाए।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जर्जर या अस्थायी भवनों में संचालित मतदेय स्थलों को स्थायी एवं सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया जाए। मुख्य गांव या बस्ती से अधिक दूरी पर स्थित मतदान केंद्रों को सुविधाजनक स्थान पर स्थापित किया जाए तथा मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। सभी मतदान केंद्रों पर भूतल पर व्यवस्था और दिव्यांगजनों के लिए रैंप जैसी न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जाए।

    जिलाधिकारी ने कहा कि निजी भवनों, दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, विवाह भवन अथवा राजनीतिक व्यक्तियों के स्वामित्व वाले भवनों में संचालित मतदेय स्थलों को यथासंभव शासकीय अथवा अन्य उपयुक्त भवनों में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही राजनीतिक दलों से प्राप्त सभी सुझावों एवं शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

    बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से वर्तमान मतदेय स्थलों के संबंध में यदि कोई सुझाव या आपत्ति हो तो उसे लिखित रूप से उपलब्ध कराने का आग्रह किया। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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