जौनपुर। भीम आर्मी जय भीम संगठन ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए लोकतंत्र के विभिन्न क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने समेत कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष कंचन राव ने किया।
जिलाध्यक्ष कंचन राव ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शोषित, पीड़ित और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी, लेकिन आजादी के 75 वर्षों बाद भी इन वर्गों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदाय आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।
ज्ञापन में संगठन ने ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ के सिद्धांत के आधार पर सरकारी एवं निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने, पदोन्नति में आरक्षण बहाल करने तथा बैकलॉग के सभी रिक्त पदों को भरने की मांग की। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में NEET, JEE और UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की मांग भी उठाई गई।
संगठन ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संविधान के अनुच्छेद-15 के तहत प्रवेश व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों को पूरी तरह लागू करने की मांग की। साथ ही मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए सख्त कानून बनाए जाने की मांग की।
ज्ञापन में कथित फर्जी एनकाउंटर और गोकशी के झूठे मुकदमों की सीबीआई जांच कराने, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने, जातीय जनगणना कराने तथा सरकारी सेवाओं में लैटरल एंट्री की व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी शामिल रही। संगठन का कहना था कि जातीय जनगणना से विभिन्न वर्गों की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आएगा, जिससे उन्हें उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सकेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


