जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में शनिवार सायंकाल कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार लंबित शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त होने वाली शिकायतों का अधिकारी स्वयं अवलोकन करें और उनका निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक प्राप्त किया जाए, जिससे निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन हो सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
उन्होंने जांच अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे शिकायतों की जांच के लिए स्वयं मौके पर उपस्थित हों और तथ्यों के आधार पर निस्तारण करें। साथ ही निस्तारण आख्या में जांचकर्ता अधिकारी तथा संस्तुतिकर्ता अधिकारी द्वारा दिनांक एवं पदनाम की मोहर सहित हस्ताक्षरित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि दोनों विभागों द्वारा प्रस्तुत आख्या में किसी प्रकार की विसंगति नहीं होनी चाहिए। शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक आयुष श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, नगर मजिस्ट्रेट इंद्रनंदन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


