जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. के निर्देशन में जनपद में आगामी वृक्षारोपण अभियान-2026 की तैयारियों को गति देते हुए 30 मई 2026 को जौनपुर प्रभाग के अंतर्गत बदलापुर, शाहगंज, केराकत एवं मछलीशहर तहसीलों में कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इसमें संबंधित रेंज अधिकारियों, तहसील स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वृक्षारोपण की वैज्ञानिक एवं तकनीकी तैयारियों के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि वृक्षारोपण से पूर्व मिट्टी की जांच कर सामान्य एवं ऊसर भूमि का चयन किया जाए। ऊसर भूमि में पीएच मान के अनुसार जिप्सम, जलकुंभी, बालू तथा गोबर खाद के प्रयोग की जानकारी दी गई। साथ ही गड्ढों के आकार, गड्ढे से गड्ढे की दूरी तथा भूमि की गुणवत्ता के अनुरूप पौध प्रजातियों के चयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में ऊसर भूमि के लिए बबूल, रियोज, कंजी, ढाक, सिरस, अर्जुन, नीम, अकेसिया, आरिकुली फार्मिस, कैजूराइना, बेर एवं जंगल जलेबी जैसी प्रजातियों के रोपण की उपयोगिता बताई गई। इसके अलावा पौध उठान एवं मांग पत्र की प्रक्रिया पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण में सड़क, नहर, झील, तालाब, ब्लॉक परिसर, खेत, बाग, कब्रिस्तान, धार्मिक स्थलों, आवासीय भवनों तथा पार्कों सहित विभिन्न वृक्षारोपण मॉडलों के लिए उपयुक्त प्रजातियों के चयन, दूरी निर्धारण एवं एलाइनमेंट संबंधी जानकारी साझा की गई। कृषि वानिकी एवं फलदार पौधों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
इसके अतिरिक्त पौधों की सुरक्षा के लिए तारबाड़, ट्री गार्ड, सुरक्षा खाई, ब्रिक गार्ड एवं बैम्बू गार्ड जैसी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। कार्यशाला में थालाबंदी, सिंचाई, निराई-गुड़ाई तथा पौधों के संरक्षण के विभिन्न उपायों के साथ-साथ कार्बन क्रेडिट की अवधारणा और उसके लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से वृक्षारोपण और पौधों की नियमित देखभाल से अभियान को सफल बनाया जा सकेगा तथा पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।


