तेज आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित, कई इलाकों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त
जौनपुर। शुक्रवार सुबह अचानक बदले मौसम ने जिलेभर में भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। करीब 100 से अधिक गांवों में पिछले 10 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं खेतासराय कस्बे में एक जर्जर मकान का बारजा गिरने से दो लोग घायल हो गए। आंधी और बारिश से किसानों की फसलें, दुकानदारों का सामान और आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

बदलापुर और सिकरारा क्षेत्र में बिजली संकट गहराया
सिकरारा और बदलापुर तहसील से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ टूटकर बिजली के तारों पर गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बदलापुर क्षेत्र के शाहपुर में 33 हजार वोल्ट की मुख्य लाइन टूट गई, जबकि बटाऊबीर, दुधौड़ा, पूराराजवाड़, गजेंद्रपुर और मेढ़ा समेत कई ग्राम पंचायतों में एलटी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार करीब तीन दर्जन गांवों में आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। विद्युत विभाग की टीमें लगातार फॉल्ट खोजने और लाइनों की मरम्मत में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने अगले कुछ घंटों में बिजली बहाल होने की उम्मीद जताई है।

खेतासराय में जर्जर मकान का बारजा गिरा, दो घायल
खेतासराय कस्बे के वार्ड चौहट्टा स्थित पुरानी गली में गोला बाजार मोड़ के सामने शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां एक जर्जर मकान का बारजा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में कूड़ा फेंकने गई निशा पत्नी जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं बारजे के नीचे बैठे गोला बाजार निवासी विष्णु सेठ भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।
घायल महिला निशा ने बताया कि वह रोज की तरह सुबह कूड़ा फेंकने गई थीं। उस समय वहां पानी जमा था, लेकिन मकान गिरने का अंदेशा नहीं था। अचानक बारजा गिर पड़ा और वह उसकी चपेट में आ गईं।

किसानों की फसलें बर्बाद, आम और सब्जियों को भारी नुकसान
तेज आंधी और बारिश ने किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया। बक्शा क्षेत्र के किसान भारत गुप्ता ने बताया कि खेतों में खड़ी मड़वा की फसल बर्बाद हो गई है। नेनुआ और लौकी जैसी सब्जियों के मचान तेज हवा में टूट गए। वहीं आम की बची-खुची फसल भी पेड़ों से टूटकर गिर गई।
किसान सुशील यादव और डॉ. समय बहादुर यादव ने बताया कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं धर्मराज मौर्य और मोहित मौर्य ने बताया कि सब्जियों की फसलें भी काफी प्रभावित हुई हैं, जिससे उत्पादन घटने की आशंका है।
दुकानदारों को भी झेलना पड़ा नुकसान
नौपेड़वा के दुकानदार दानिश अली ने बताया कि भोर में आई तेज आंधी में उनकी दुकान का टीन शेड उड़ गया। इसके बाद हुई बारिश से दुकान के अंदर रखा सामान भीगकर खराब हो गया। कई अन्य दुकानदारों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कई गांवों में पेयजल संकट, इनवर्टर भी जवाब
बढ़ौना गांव समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों में आठ घंटे से अधिक समय से बिजली गुल रहने के कारण पेयजल संकट खड़ा हो गया है। घरों की पानी टंकियां खाली हो चुकी हैं और लंबे बिजली कटौती के चलते इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं।
मोबाइल चार्जिंग और नेटवर्क की समस्या के कारण ग्रामीणों का संपर्क भी प्रभावित हो रहा है। उमस भरी गर्मी में बिजली न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली विभाग अलर्ट, मरम्मत कार्य जारी
विद्युत वितरण खंड दुनियापुर के एसडीओ एस.के. सिंह ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण जगह-जगह पेड़ों की डालियां बिजली तारों पर गिर गईं, जिससे लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। फॉल्ट ठीक करने का कार्य तेजी से चल रहा है।
वहीं स्थानीय टीजी-2 दीपक कुमार ने बताया कि 33 केवी मुख्य लाइन में बड़ा ब्रेकडाउन हुआ है। पेट्रोलिंग टीमें जंगल और ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाली लाइनों की जांच कर रही हैं।
जेई विजय यादव ने बताया कि मुख्य फॉल्ट का पता लगा लिया गया है और जल्द ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
मौसम बदलने से गर्मी से राहत, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त
सुबह अचानक छाए काले बादलों और तेज हवाओं के चलते दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। कई जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। बाजारों में लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
हालांकि बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज आंधी और बिजली संकट ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया।


