जौनपुर। सेवा भारती समिति काशी प्रांत के तत्वावधान में जौनपुर जिला एवं विभाग द्वारा सिद्धिकपुर स्थित मां दुर्गा विद्यालय में आयोजित ‘किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग’ में किशोरियों को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। 22 मई से चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में किशोरियों को संस्कार, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और कानूनी अधिकारों की महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः वंदन के साथ हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र संयोजिका शारदा बहन, प्रांत महामंत्री जियुत राम, जौनपुर विभाग अध्यक्ष सेवा भारती डॉ. तेज सिंह, वर्गाधिकारी डॉ. वंदना सरकार तथा मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रश्मि सिंह (सदस्य, केंद्रीय टोली) उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों एवं प्रतिभागी किशोरियों ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर सत्र का शुभारंभ किया।

मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रश्मि सिंह ने किशोरियों को पॉक्सो (POCSO) कानून की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के साथ किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक शोषण की स्थिति में यह कानून उन्हें सुरक्षा और न्याय प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि समाज में कई बार अपराधी सामान्य व्यक्तित्व के पीछे छिपे होते हैं, इसलिए बेटियों को सजग रहने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने से नहीं डरना चाहिए।
उन्होंने किशोरियों को विभिन्न पुलिस हेल्पलाइन नंबरों, कानूनी सहायता के माध्यमों तथा आपात परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की भी जानकारी दी। साथ ही असामाजिक तत्वों से बचाव और आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपायों पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण वर्ग में जौनपुर एवं आसपास के क्षेत्रों की बड़ी संख्या में किशोरियां उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। शिविर का उद्देश्य बालिकाओं में संस्कार, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आत्मरक्षा की भावना का विकास कर उन्हें सामाजिक रूप से जागरूक एवं सशक्त बनाना है, ताकि वे हर परिस्थिति में अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए आत्मविश्वास के साथ जीवन जी सकें।


