जौनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर के तत्वावधान में तहसील मछलीशहर के सभागार में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं विधिक जागरूकता से संबंधित एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार शशि के निर्देशन तथा सचिव, पूर्णकालिक सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सुशील कुमार सिंह की देखरेख में किया गया।
सचिव सुशील कुमार सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत एवं प्राधिकरण की विभिन्न इकाइयों के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को विधिक रूप से भरण-पोषण का अधिकार प्राप्त है तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं में छूट एवं अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय व्यवस्था भावनाओं पर नहीं, बल्कि साक्ष्य और तर्कों के आधार पर कार्य करती है।

उन्होंने “बच्ची देवी बनाम राज्य” प्रकरण का उल्लेख करते हुए जमानत से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी तथा बताया कि कई परिस्थितियों में अभियुक्त को जमानत का अधिकार प्राप्त होता है। उन्होंने सुलह-समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर भी बल दिया।
कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चों के अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं तथा विधिक सहायता प्रणाली पर प्रकाश डाला। तहसीलदारों, लेखपालों एवं काउंसलरों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने मध्यस्थता पैनल, डिफेंस काउंसिल प्रणाली, पैरालीगल वालंटियर्स एवं प्री-लिटिगेशन मामलों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, अधिवक्ता, लेखपाल, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि एवं प्राधिकरण के सदस्य उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम का आभार ज्ञापन संघ के महामंत्री आलोक विश्वकर्मा द्वारा किया गया।


