
पीएचडी व्यवस्था दुरुस्त करने को नई टीम, प्रो. राजकुमार निदेशक बने

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शोध प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त और पीएचडी प्रक्रिया को पारदर्शी व गतिमान बनाने के लिए कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर अनुसंधान एवं विकास सेल की नई टीम का गठन कर विस्तृत कार्यक्षेत्र निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं यूजीसी के तय मानकों के अनुपालन के साथ गठित इस व्यवस्था में प्रो. राजकुमार को अनुसंधान एवं विकास का निदेशक नामित किया गया है। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार निदेशक को शोध प्रवेश से लेकर उपाधि प्रदान करने, शोधप्रबंध के अभिलेखीकरण, निगरानी, नीति निर्धारण और लंबित प्रकरणों के निस्तारण का समग्र नेतृत्व सौंपा गया है।
कार्यकारी टीम में संकाय सदस्यों को अलग-अलग दायित्व सौंपते हुए डॉ. मनीष कुमार गुप्ता को पीएचडी प्रवेश, अभिलेख, शोध निर्देशक/सीट पंजिका, आरडीसी कैलेंडर व डिजिटल कार्यप्रणाली; प्रो. संतोष कुमार को कोर्स वर्क, शोधार्थी प्रगति, सेमेस्टर समीक्षा, प्रशिक्षण एवं जेआरएफ से एसआरएफ मूल्यांकन; प्रो. नरेन्द्र कुमार सिंह को शोध पद्धति, नैतिकता, गुणवत्ता, प्रकाशन मार्गदर्शन व प्रयोगशाला पद्धतियां तथा प्रो. विनोद कुमार गुप्ता को प्री-सबमिशन, शोधप्रबंध कार्यवाही, परीक्षक, मूल्यांकन, मौखिक परीक्षा, उपाधि अभिलेख व शोध डैशबोर्ड का जिम्मा दिया गया है। यह समिति पीएचडी प्रक्रिया पुस्तिका और अध्यादेश का नया प्रारूप तैयार कर सक्षम निकायों से अनुमोदित कराएगी। वहीं सेल के सहयोग हेतु प्रशासनिक अधिकारी रघुनन्दन यादव, प्रधान सहायक गुलाब चन्द व राजेन्द्र प्रताप सिंह, कनिष्ठ सहायक नीलम सिंह, कम्प्यूटर आपरेटर सुशील प्रजापति व प्रदीप कुमार सिंह और परिचर अंजनी तिवारी व जैनेन्द्र कुमार विश्वकर्मा को तैनात किया गया है। यह कार्यालय आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।






