
सेवा संकल्प अभियान में गांधी-शास्त्री के आदर्शों का संदेश

जौनपुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में जनकल्याण, जागरूकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर प्रेक्षागृह में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण गिरीश चन्द्र यादव, एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिंशु’, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति और डॉ. अजय सिंह ने किया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सेवा के माध्यम से समाज को नई दिशा दी, जबकि शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा और जनकल्याण की भावना पहुंचाना है।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरित की गई। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित चित्रकला और रंगोली प्रस्तुत की। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर अतिथियों ने फोटो खिंचवाकर कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों का उत्साहवर्धन भी किया।
संस्कृति विभाग की ओर से नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से स्वच्छता, विकास, विज्ञान, सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के सत्य, अहिंसा, सादगी, सेवा, स्वावलंबन एवं राष्ट्रहित के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, दिव्यांगजन और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।








