
कागजों में अटका एस्टीमेट, सुंदरनगर में सड़क पर चलना मुहाल

जौनपुर। नगर पालिका परिषद जौनपुर के वार्ड नंबर 7 वाजिदपुर दक्षिणी स्थित सुंदरनगर कॉलोनी में सड़क की बदहाली से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजकुमार के घर से डॉ. उदयभान यादव के घर तक जाने वाला संपर्क मार्ग लंबे समय से खराब है। जगह-जगह गड्ढे और कच्ची मिट्टी होने के कारण इस रास्ते पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
आईजीआरएस पर शिकायत, एस्टीमेट तैयार होने का जवाब
स्थानीय नागरिक सचिन यादव ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर पहले संबंधित जिम्मेदारों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने शासन के प्राथमिकता वाले आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के निस्तारण में प्रशासन की ओर से बताया गया कि मार्ग निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है और आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस जवाब को दिए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सड़क पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
बोर्ड बैठक के इंतजार में बीते दो महीने
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क निर्माण का एस्टीमेट तैयार हो चुका है तो प्रस्ताव बोर्ड बैठक में कब रखा गया और उसकी स्वीकृति की क्या स्थिति है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। लोगों का कहना है कि शिकायत का जवाब मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू होगा, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे लोगों में नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
बारिश में दलदल बन जाता है रास्ता
सुंदरनगर का यह संपर्क मार्ग बारिश के दिनों में और भी बदहाल हो जाता है। कच्ची मिट्टी और गड्ढों में पानी भर जाने से रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है। गड्ढों और फिसलन के कारण वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ता है।
बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, मरीजों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। किसी बीमार या बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाने पर खराब रास्ते के कारण वाहन को अंदर तक पहुंचाने में परेशानी होती है। स्कूली बच्चे भी प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर आते-जाते हैं। बारिश के दौरान उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से बढ़ रहा आक्रोश
सड़क की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में अब नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि एस्टीमेट तैयार हो चुका है तो निर्माण कार्य शुरू कराने में देरी क्यों हो रही है। लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी और वार्ड के सभासद से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका सवाल है कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव कब रखा गया और उसकी स्वीकृति के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया कहां तक पहुंची।
समस्या के समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से सड़क की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह कोई बड़ी परियोजना नहीं, बल्कि कॉलोनी के लोगों के आवागमन से जुड़ी बुनियादी सुविधा है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि कागजों में तैयार बताया जा रहा एस्टीमेट कब जमीन पर उतरता है और सुंदरनगर के लोगों को बदहाल रास्ते से कब राहत मिलती है।









