जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार दोपहर कीलर मांझा प्रतिबंध अभियान समिति ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ सख्त और प्रभावी कानून बनाने की मांग की। समिति ने कहा कि जानलेवा मांझे की चपेट में आने से लगातार लोगों की मौत और गंभीर चोटों की घटनाएं सामने आ रही हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि पतंग उड़ाना परंपरा का हिस्सा है, लेकिन नायलॉन, सिंथेटिक और गैर-जैव अपघटनीय मांझा आम लोगों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। एनजीटी ने 11 जुलाई 2017 को ऐसे मांझे के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
समिति ने जौनपुर में मांझे से हुई मौतों और हादसों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दस महीनों में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। विकास तिवारी ने कहा कि अभियान पतंगबाजी के खिलाफ नहीं, बल्कि जानलेवा मांझे के खिलाफ है। उन्होंने निर्माण से लेकर बिक्री और ऑनलाइन आपूर्ति तक कठोर कार्रवाई की मांग की।

