कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी ने किया ध्वजारोहण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिलाई पंचप्रण की शपथ
जौनपुर। जनपद में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया।ध्वजारोहण के उपरांत शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गायन से हुई। जो स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार गाया गया।
इसके उपरांत कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के उपरांत तिरंगे को सलामी दी गई तथा राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पंचप्रण के अंतर्गत देश की एकता, अखंडता एवं एकजुटता के लिए सदैव प्रयासरत रहने तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए देश की रक्षा, सम्मान और प्रगति के लिए समर्पित रहने की शपथ दिलाई। जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, वीर शहीदों एवं देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए जनपदवासियों एवं उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन महान विभूतियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को स्मरण करने का अवसर भी है, जिनके अथक प्रयासों से देश को आजादी प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ तथा ‘युवा शक्ति- विकसित भारत 2047’ की भावना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में राष्ट्रभक्ति एवं एकता की भावना जागृत करने का सशक्त माध्यम बना। स्वदेशी आंदोलन सहित विभिन्न आंदोलनों में इसका व्यापक प्रभाव रहा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने देशवासियों को एकजुट करने तथा स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी, भगत सिंह जी, चंद्रशेखर आजाद जी, सरदार वल्लभभाई पटेल जी तथा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी सहित अनेक महापुरुषों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण हमें स्वतंत्र भारत मिला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश ने निरंतर विकास की यात्रा तय की है। कृषि क्षेत्र में हरित क्रांति एवं दुग्ध क्रांति से लेकर आर्थिक सुधारों, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा तकनीक, दूरसंचार एवं डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है। युवा पीढ़ी को सही दिशा, अवसर और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे एवं तंबाकू की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश को राजनीतिक एवं सामाजिक गुलामी से आजादी मिल चुकी है, अब युवाओं को दोहरा, तंबाकू एवं अन्य हानिकारक आदतों से भी मुक्त कराने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, प्रशासन एवं समाज के सभी वर्गों से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया एवं मोबाइल फोन के संतुलित उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक आज जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसका उपयोग विवेकपूर्ण एवं सकारात्मक तरीके से किया जाना चाहिए। युवाओं को रील एवं सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के बजाय शिक्षा, कौशल विकास, रचनात्मक गतिविधियों एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तकनीक को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शासन एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली में डिजिटल तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। राजस्व सहित विभिन्न विभागों में आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग एवं डिजिटल सेवाओं का उपयोग भविष्य में और बढ़ेगा। इसलिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नई तकनीकों को सीखते हुए उनका सकारात्मक उपयोग जनसेवा में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उसे सम्मानजनक जीवन प्रदान करना होना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं शिकायत निस्तारण प्रणाली में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आईजीआरएस जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से शिकायतों की निगरानी, निस्तारण की गुणवत्ता एवं मौके पर की गई कार्रवाई का प्रभावी अनुश्रवण संभव हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का संकल्प है। हम सभी अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं निष्ठा से निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। उन्होंने देश की एकता, अखंडता एवं विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। इसके पूर्व जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पार्क में पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली जनक कुमारी इंटर कॉलेज की छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, वीर शहीदों के बलिदान तथा राष्ट्र निर्माण में नागरिकों एवं सरकारी कार्मिकों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। संचालन आशीष त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इसके उपरांत जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा गांधी तिराहे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और बाबा साहब भीम राव आम्बेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए नमन किया ।







