जौनपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने और अदालत के आदेश की अवहेलना करने के मामले में विद्युत निगम जौनपुर के अधिशासी अभियंता पर 25 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि दो सप्ताह के भीतर संबंधित उपभोक्ता को अदा की जाए। भुगतान नहीं होने पर जिलाधिकारी जौनपुर भू-राजस्व की तरह इसकी वसूली करेंगे।
मामला जौनपुर की ओम फूड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के वाणिज्यिक बिजली कनेक्शन से जुड़ा है। लोड बढ़ाने के करीब दो वर्ष बाद निगम ने बिलिंग में गलती बताते हुए 54 लाख रुपये से अधिक की मांग कर दी। कंपनी का कहना था कि लोड बढ़ाने और मीटर लगाने में उसकी कोई गलती नहीं थी।
6 मई 2026 को कोर्ट ने कहा था कि निगम गलती सुधारकर नई मांग कर सकता है, लेकिन बिजली काटने जैसी कठोर कार्रवाई नहीं कर सकता। इसके बाद निगम ने अलग-अलग समय पर 2.93 लाख, 54.14 लाख और 5.44 लाख रुपये के तीन नोटिस जारी किए। प्रत्येक बार कंपनी को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी और निगम ने नोटिस वापस ले लिया।
न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने इसे आदेश की अवहेलना माना। शुरुआत में पांच लाख रुपये हर्जाना लगाया गया था, जिसे वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुरोध पर घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया।


