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    ‘आत्महत्या’ या ‘हत्या’? अस्मिता मौत मामले की गुत्थी सुलझाएगी CBI

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    दो साल बाद अस्मिता को न्याय की उम्मीद,

    मीरारोड

    मीरा रोड में फरवरी 2023 में हुई 26 वर्षीय अस्मिता मिश्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हाईकोर्ट ने मामले में गंभीर विसंगतियां और शुरुआती जांच में खामियां पाए जाने के बाद यह केस काशीमीरा पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दिया था.

    सीबीआई ने री-रजिस्टर्ड एफआईआर में मृतका के पति अभय मिश्रा, ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा के खिलाफ दहेज हत्या, धोखाधड़ी, जबरन गर्भपात, क्रूरता और दहेज प्रताड़ना समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.
    सीबीआई के अनुसार, अस्मिता का विवाह 20 नवंबर 2021 को मीरा रोड निवासी अभय मिश्रा से हुआ था. आरोप है कि शादी से पहले अभय को सिविल इंजीनियर, संपन्न व्यवसायी और अच्छी आर्थिक स्थिति वाला बताकर रिश्ता तय कराया गया. सगाई और शादी में मृतका के पिता एवं मालाड निवासी समाजसेवी अमर दिवाकर मिश्रा ने 15.51 लाख रुपये नकद और 17.35 लाख रुपये के आभूषण दिए थे. बाद में परिवार को पता चला कि आरोपी द्वारा दी गई शैक्षणिक योग्यता, संपत्ति और व्यवसाय संबंधी जानकारी कथित रूप से झूठी थी.
    जांच के अनुसार, शादी के बाद से ही अस्मिता को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया. आरोप है कि उसके गहने सास व ननदों ने अपने कब्जे में ले लिए, जबकि पति उसकी पूरी सैलरी अपने पास रखता था और शराब के नशे में मारपीट करता था. आरोप यह भी है कि नवंबर 2022 में अस्मिता की इच्छा के विरुद्ध जबरन गर्भपात की दवाइयां खिलाकर गर्भपात कराया गया. साथ ही मीरा रोड स्थित फ्लैट पति के नाम कराने और अतिरिक्त 35 लाख रुपये मूल्य के डायमंड की मांग को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा.
    परिजनों के मुताबिक, 22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने अपने पिता को फोन कर मारपीट, प्रताड़ना और तलाक के लिए दबाव बनाए जाने की जानकारी दी थी. इसके दो दिन बाद 24 फरवरी 2023 की रात पति ने फोन कर दावा किया कि अस्मिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है.

    हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर परिजनों ने मृतका के चेहरे, गाल और गर्दन पर चोट के स्पष्ट निशान होने का दावा किया.उन्होंने पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में विरोधाभास तथा शुरुआती लापरवाही पर भी गंभीर सवाल उठाए।
    विरोध के बाद काशीमीरा पुलिस ने दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर ससुराल पक्ष के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था.

    मृतका के पिता अमर मिश्रा ने अधिवक्ता घनश्याम उपाध्याय के माध्यम से बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर हत्या का मामला दर्ज करने और सीबीआई जांच की मांग की थी. न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान जांच में कई गंभीर खामियां पाते हुए निष्पक्ष जांच के लिए केस सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था.
    अब सीबीआई पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि अस्मिता की मौत आत्महत्या थी या सुनियोजित हत्या तथा आरोपियों की भूमिका क्या थी.

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