जौनपुर, 06 अगस्त। कृषि विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार योजना के तहत विकास खंड केराकत एवं डोभी के बीआरसी सभागार में स्कूल अध्यापकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों को श्री अन्न (मिलेट्स) के महत्व, पोषण मूल्य और उपयोगिता की जानकारी दी गई, ताकि वे विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में इसके प्रति जागरूकता फैला सकें।
प्रशिक्षक एवं उप परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. रमेश चंद्र यादव ने कहा कि कुपोषण आज देश की बड़ी चुनौती है और इससे बचाव का सबसे सरल उपाय मिलेट्स का नियमित सेवन है। उन्होंने बताया कि ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, कोदो, सावा, जौ और जई जैसे मोटे अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इन्हें अब ‘श्री अन्न’ के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को श्री अन्न के लाभों से अवगत कराएं, जिससे उनके परिवार भी इसकी खेती और उपयोग के लिए प्रेरित हों। उन्होंने बताया कि भविष्य में मिड-डे मील में भी श्री अन्न को शामिल किया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज से चीला, खिचड़ी, दलिया, खीर, डोसा, इडली, सूप, कटलेट, बिस्कुट और अन्य कई पौष्टिक व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मिलेट्स ग्लूटेन मुक्त होते हैं, इसलिए यह सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों के लिए लाभकारी हैं। साथ ही इनमें मौजूद पोषक तत्व मधुमेह, मोटापा, एनीमिया, कुपोषण और हृदय रोग जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक माने जाते हैं।
वरिष्ठ प्राविधिक सहायक अशोक पाल ने प्रशिक्षण के दौरान मिलेट्स के प्रसंस्करण की जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक संजय कुमार गुप्ता ने की, जबकि संचालन एडीओ (एजी) दयानंद सिंह ने किया। प्रशिक्षण में बेसिक शिक्षा विभाग के लगभग 50 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने सहभागिता की।


