जौनपुर। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के अंतर्गत हस्तशिल्प सेवा केंद्र, वाराणसी द्वारा सल्तनत बहादुर पीजी कॉलेज, बदलापुर में आयोजित तीन दिवसीय शिल्प प्रदर्शन सह जागरूकता कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को भारतीय हस्तशिल्प परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती वंदना से हुआ। विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और लोकगीत ‘गोदना’ की मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में कढ़ाई, जरी-जरदोजी, टेराकोटा और मूंज शिल्प से जुड़े सिद्ध हस्तशिल्पियों ने विद्यार्थियों को शिल्प निर्माण की बारीकियों, व्यावहारिक उपयोग तथा स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी।
समापन सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अखण्ड प्रताप सिंह ने लोक संस्कृति के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि प्रबंधक श्याम सिंह ने पारंपरिक हस्तशिल्प को बचाने के लिए ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम में हस्तशिल्प सेवा केंद्र के अधिकारियों, महाविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।


