जौनपुर। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोडवेज बस चालकों का अब नियमित अल्कोहल टेस्ट किया जाएगा। शासन के निर्देश पर यातायात अधीक्षक और सहायक यातायात निरीक्षक को ब्रीथ एनलाइजर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनकी मदद से चालकों की औचक जांच होगी।
अब तक यह व्यवस्था केवल निजी बस चालकों पर लागू थी, लेकिन अब सरकारी रोडवेज बस चालकों को भी जांच से गुजरना होगा। पहली बार नशे की हालत में पाए जाने पर चेतावनी दी जाएगी, दूसरी बार वेतन कटौती और रिपोर्ट तैयार होगी, जबकि तीसरी बार मामला मुख्यालय भेजा जाएगा, जिससे नौकरी पर भी खतरा आ सकता है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) स्नेहलता ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान लिए गए निर्णय के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि बस संचालन से पहले चालकों की नियमित जांच की जा रही है और अब तक नशे में वाहन चलाने का कोई मामला सामने नहीं आया है।


