जौनपुर। विश्व आईवीएफ दिवस की पूर्व संध्या पर पॉलीटेक्निक चौराहा स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल एवं आईवीएफ सेंटर में जागरूकता एवं उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सफल आईवीएफ दंपतियों ने अपने बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां मनाईं और मातृत्व-पितृत्व का अनुभव साझा किया। इस दौरान बांझपन के प्रति जागरूकता फैलाने, आधुनिक आईवीएफ तकनीकों की जानकारी देने और उपचार संबंधी भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब आईवीएफ उपचार से संतान प्राप्त करने वाले एक दंपति ने अपने स्वस्थ शिशु के साथ विश्व आईवीएफ दिवस का केक काटा। दंपति ने वर्षों के संघर्ष के बाद माता-पिता बनने की अपनी यात्रा साझा करते हुए आशीर्वाद हॉस्पिटल की आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. अंजू कनौजिया एवं उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. अंजू कनौजिया ने कहा कि आईवीएफ केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि उन दंपतियों के लिए नई उम्मीद है जो संतान सुख से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, सही परामर्श और आधुनिक उपचार के माध्यम से अधिकांश निःसंतान दंपतियों का माता-पिता बनने का सपना पूरा किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से बांझपन को सामाजिक कलंक न मानकर एक उपचार योग्य चिकित्सकीय स्थिति के रूप में देखने की अपील की।
कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष बांझपन, जीवनशैली में सुधार और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित दंपतियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। अंत में डॉ. विनोद कुमार ने अतिथियों, सफल आईवीएफ परिवारों, मीडिया प्रतिनिधियों और अस्पताल की टीम का आभार व्यक्त करते हुए जन-जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।


