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    साइबर ठगी का कैश नेटवर्क ध्वस्त, वांछित आरोपी गिरफ्तार

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    फर्जी आधार कार्ड से खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम निकालने का था खेल

    आजमगढ़। जनपद के महराजगंज थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को बैंक खातों के माध्यम से एटीएम और यूपीआई से नकद निकालने वाले एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर एक बड़े साइबर नेटवर्क का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपी फर्जी आधार कार्ड के जरिए विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को निकालने के कार्य में संलिप्त था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

    कूटरचित दस्तावेजों के सहारे खुलवाए जाते थे बैंक खाते

    पुलिस के अनुसार थाना महराजगंज पर दर्ज मुकदमा संख्या 176/2026 में जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी विकास यादव सहित अन्य लोग कूटरचित आधार कार्ड तैयार कर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि इन खातों में मंगाई जाती थी, जिसके बाद एटीएम, जनसेवा केंद्रों और यूपीआई के माध्यम से नकद निकासी कर रकम को ठिकाने लगाया जाता था। इस मामले में विकास यादव सहित चार आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

    पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), क्षेत्राधिकारी सगड़ी तथा थानाध्यक्ष जयप्रकाश के नेतृत्व में थाना महराजगंज पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोमवार तड़के लगभग 12:10 बजे बजरंग चौक, कस्बा महराजगंज से वांछित अभियुक्त विकास यादव (22) पुत्र राकेश यादव निवासी उसुरकुढ़वा, थाना महराजगंज को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूला अपराध

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से एटीएम और जनसेवा केंद्रों से नकद निकालने का कार्य करता था। उसने अपने अपराध पर पश्चाताप व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की बात कही। हालांकि पुलिस आरोपी के अन्य साथियों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।

    विवेचना क्षेत्राधिकारी सगड़ी को आवंटित

    पुलिस ने बताया कि महराजगंज थाने पर निरीक्षक स्तर का अधिकारी तैनात न होने के कारण इस मुकदमे की विवेचना क्षेत्राधिकारी सगड़ी को आवंटित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों, बैंक खातों और साइबर ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका

    गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष जयप्रकाश, उपनिरीक्षक राहुल कुमार, कांस्टेबल संगम कुमार, कांस्टेबल सुधीर गोस्वामी तथा साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रविप्रकाश गौतम, मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल, कांस्टेबल श्याम कुमार और कांस्टेबल सत्येन्द्र यादव शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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