जौनपुर। महराजगंज थाना क्षेत्र के गांधीनगर बाजार से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा चोरी होने का मामला सामने आया है। करीब चार दशक पहले स्थापित की गई इस प्रतिमा के गायब होने से क्षेत्र में नाराजगी व्याप्त है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रतिमा बरामद कर पुनः स्थापित नहीं की गई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार गांधी विचार मंच के तत्वावधान में वर्ष 1985 में राजा बाजार मार्ग स्थित मीरापुर शिरोमणि ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। उस समय गांधी विचार मंच के अध्यक्ष चंद्र प्रताप सिंह सिंधु थे। प्रतिमा का अनावरण गांधी जयंती के अवसर पर तत्कालीन सामुदायिक ग्राम विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्याम सूरत उपाध्याय द्वारा किया गया था। प्रतिमा स्थापित होने के बाद यह स्थान धीरे-धीरे गांधीनगर के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
गांधी विचार मंच के अध्यक्ष रहे चंद्र प्रताप सिंह सिंधु के पुत्र बालेंदू प्रताप सिंह ने बताया कि 5 मई की रात अज्ञात चोरों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा चोरी कर ली। इतना ही नहीं, प्रतिमा के चबूतरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने 7 मई को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की थी। करीब एक सप्ताह पहले भी पुलिस द्वारा मामले की जांच की गई, लेकिन अब तक प्रतिमा का कोई सुराग नहीं लग सका है। इससे स्थानीय लोगों में निराशा और आक्रोश है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि महात्मा गांधी देश की पहचान और आदर्शों के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा की चोरी केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि समाज की भावनाओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि प्रतिमा बरामद कर पुनः स्थापित नहीं की गई तो कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
उधर, महराजगंज थानाध्यक्ष तरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।


