जौनपुर। धर्मापुर विकास खंड के गोविंदपुर मनिहां गांव निवासी रणजीत सिंह के पुत्र राना सिंह को सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, भोपाल (मध्य प्रदेश) द्वारा विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है। पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में यह उपलब्धि उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
राना सिंह ने “डिजिटल मीडिया उपभोग करने में युवाओं की प्रवृत्ति का अध्ययन” विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। अपने शोध में उन्होंने युवाओं के बीच डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, उसके उपयोग के स्वरूप तथा सामाजिक और व्यवहारिक प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया। व्यापक सर्वेक्षण, डेटा संग्रहण और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर तैयार किए गए शोध निष्कर्षों को विशेषज्ञों ने पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान बताया है।
उनकी मौखिकी (फाइनल वायवा) परीक्षा के दौरान शोध निर्देशक डॉ. संदीप श्रीवास्तव, विषय विशेषज्ञ डॉ. चंदन गुप्ता, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के डीन डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. अखिलेश सिंह, डॉ. रश्मि सिंह तथा डॉ. सुनील सहित अनेक शिक्षाविदों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके शोध कार्य की सराहना की।
राना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता आशा सिंह, पिता रणजीत सिंह, गुरुजनों एवं पूर्व सांसद धनंजय सिंह को दिया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम, समर्पण और अध्ययनशीलता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राना सिंह का शोध कार्य पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा और समाज को सकारात्मक दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
वहीं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि डिजिटल युग में मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में डिजिटल मीडिया पर किया गया यह शोध समाज, शिक्षा जगत और नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत उपयोगी एवं मार्गदर्शक साबित होगा।
राना सिंह की इस उपलब्धि पर पत्रकारिता, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों, शोधार्थियों, पत्रकारों और शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


