जौनपुर। मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज में विज्ञान विषयक एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक संगोष्ठी सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर ने की। कार्यक्रम में पधारे मुख्य अतिथि इसरो के नेशनल स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रभांशु कुमार का प्राचार्य ने पुष्प-गुच्छ एवं अंग-वस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया तथा अपने स्वागत एवं अध्यक्षीय संबोधन में विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान प्रवृत्ति, नवाचार और तकनीकी दक्षता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान, ड्रोन तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल प्रगति जैसे क्षेत्र युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के साथ राष्ट्र के वैज्ञानिक उत्थान की मजबूत आधारशिला हैं। मुख्य अतिथि डॉ. प्रभांशु कुमार ने अपने अत्यंत प्रभावशाली एवं तथ्यपूर्ण संबोधन में भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों, उपग्रह प्रौद्योगिकी के सामाजिक, आर्थिक एवं सुरक्षा संबंधी उपयोगों, मौसम पूर्वानुमान, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा कृषि विकास में अंतरिक्ष विज्ञान की भूमिका का विस्तृत उल्लेख करते हुए ड्रोन तकनीक को आधुनिक युग की परिवर्तनकारी शक्ति बताया और कहा कि इसका उपयोग सटीक खेती, फसल सर्वेक्षण, दवा छिड़काव, भू-मानचित्रण, आपदा राहत, पर्यावरण संरक्षण, यातायात नियंत्रण तथा औद्योगिक निरीक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्ट-अप और नवाचार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। संगोष्ठी के दौरान विषय पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से गंभीर चर्चा हुई, चयनित प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा पंजीकृत प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर आर.पी. सिंह, डॉ. सतीश दुबे, डॉ. मयंक सिंह, डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. गुलाम मौर्य, डॉ. प्रज्वलित यादव, प्रवीण यादव, अहमद अब्बास खान सहित महाविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे और कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

